आज किताबो के पन्ने कुछ उदास से लग रहे थे ,
मैंने पुछा ; क्या हुआ ?
फिर उसने कहा : शब्दों और कलम को मेरी याद नहीं आती या तुम्हे कोई और सहारा मिल गया।
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