यात्रा
मैं देखती हूँ गुज़रते
हर वो दृश्य को ,
जो भी इस यात्रा में
मुझे नज़र पड़ता है ।
मैं देखती हूँ गुज़रते
इन पेड़ो , खेतों , लोगो को ;
मुझे अछा लगता है ,
जो मैं चलती
इस रफ़्तार से
मुझे सब कुछ
चलते हुए दिखता है ,
सब कुछ ,
जो रुका हुआ है वो भी ,
जो भाग रहा है वो भी ;
कोई फ़र्क़ नज़र नहीं आता |
- दिशा

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